हिमालय दिवस पर कर्णप्रयाग में आयोजित हुई प्रतियोगिताएं
चमोली। डॉ शिवानंद नौटियाल राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में हिमालय दिवस पर हिमालय बचाओ अभियान के तहत विभिन्न कार्यक्रमों का शुभारम्भ किया गया। महाविद्यालय परिसर में प्राचार्य प्रो. केएल. तलवाड़ ने छात्र एवं छात्राओं को हिमालय प्रतिज्ञा दिलवाते हुए कहा कि हिमालय हमारे देश का मस्तक है। हमें इसके संरक्षण के लिए बढ़कर आगे आने चाहिए। हिमालय दिवस के अवसर पर भूगोल विभाग द्वारा आयोजियत स्लोगन प्रतियोगिता में मोनिका प्रथम, सपना द्वितीय, पोस्टर प्रतियोगिता में शिवानी प्रथम, किरन द्वितीय स्थान पर रहीं। निबन्ध प्रतियोगिता में किरन, श्वेता, सारिका थपलियाल, क्रमश: प्रथम, द्वितीय, तृतीय स्थान पर रहीं। भाषण प्रतियोगिता में मोनिका , प्रेमा , क्रमशः प्रथम व द्वितीय स्थान पर रहीं। प्रतियोगिताओं में प्रथम,द्वितीय एंव तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले छात्र एवं छात्राओं को प्राचार्य एंव वरिष्ठ प्राध्यापक डा.एमएस कण्डारी, डा. तौफिक अहमद, डा. आर.सी. भट्ट व डा. नरेंद्र पंघाल द्वारा पुरस्कार प्रदान किए गए। इस अवसर पर भूगोल विभाग प्रभारी डॉ तौफिक अहमद ने छात्र एवं छात्राओं को सम्बोधित करते हुए कहा कि आज हमारे सामने बहुत सी चुनौतियां हैं। हमें हिमालय क्षेत्र हो रही अवैध गतिविधियों पर विशेष ध्यान देकर रोकने का प्रयास करना होगा। डा. आरसी भट्ट ने अपने संबोधन में कहा कि हिमालय क्षेत्र मे हो रहे परिवर्तन के लिए हम सब जिम्मेदार हैं। हिमालय क्षेत्र में पिछले कुछ दशकों से जिस तरह मानवीय गतिविधियां बढ़ी है। उसका स्पष्ट प्रभाव यहां की जलवायु पर देखा जा सकता है। ग्लोबल वार्मिंग के कारण व अवैध गतिविधियों से ग्लेशियर का पिघलना, जैव विविधता का ह्रास, प्राकृतिक रूप में जीव- जन्तुओं के निवास स्थल के समाप्त होने के कारण आज कई समस्याओं का सामना हिमालय क्षेत्र को करना पड़ रहा है। हिमालय हमारे जल,जीवन, और पर्यावरण का मुख्य आधार है। हमें इसके संरक्षण के लिए विशेष प्रयास करने होंगे तभी इस दिवस की सार्थकता होगी।
