कृषि कानूनों के विरोध में किसानों का राजभवन कूच

 

देहरादून
कृषि कानूनों के विरोध में राज्यपाल के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन देने जा रहे किसानों को पुलिस ने हाथीबडक़ला में गिरफ्तार कर लिया। इस दौरान किसानों और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक हुई। गिरफ्तार किसानों को पुलिस लाइन लाया गया, जहां बाद में उन्हें छोड़ा गया। संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर शनिवार को तीन कृषि कानून रद करने सहित अन्य मांगों को लेकर किसान परेड ग्राउंड के पास एकत्र हुए। इसमें डोईवाला और विकासनगर से बड़ी संख्या में किसान पहुंचे थे। यहां से सुभाष रोड, राजपुर रोड, न्यू कैंट रोड होते हुए हाथीबडक़ला पहुंचे। हाथीबडक़ला चौकी के पास पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर किसानों को आगे जाने से रोक लिया। इससे नाराज होकर किसान सडक़ पर ही धरने पर बैठ गए। किसान जहां आगे जाने पर अड़े रहे वहीं पुलिस उन्हें रोककर रखा। इस दौरान पुलिसकर्मियों और किसानों के बीच तीखी नोकझोंक हुई। किसानों ने पुलिस पर धक्का-मुक्की का आरोप लगाया। किसानों ने चार लोगों को राज्यपाल से मुलाकात कराने की इजाजत मांगी। इजाजत नहीं मिलने पर किसान राज्यपाल के प्रतिनिधि या डीएम को बुलाने की मांग पर अड़ गए। इसके बाद पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। पुलिस किसानों को बसों में भरकर पुलिस लाइन ले गई। करीब 35 किसानों को निजी मुचलके पर रिहा किया गया। इस दौरान किसान नेता जगतार सिंह बाजवा, प्रभारी उषा तोमर, गुरु सेवक सिंह, जितेंद्र सिंह जीतू, हरजिंदर सिंह, मलूक सिंह खिंडा, प्रेम सिंह सहोता, कुलविंदर सिंह, गुरिंदर सिंह बॉबी, हरेंद्र बालियान, गुरपाल सिंह, अजीत सिंह, जगजीत सिंह, सुरेंद्र सिंह सजवाण, रघुवीर चौहान, कमरुद्दीन, दलजीत सिंह, उमेद बोरा, राजेन्द्र सिंह, बलबीर सिंह, सीटू के सचिव लेखराज, गगन ककड़, धीरज भंडारी, इंदु नौडियाल, कांग्रेस नेता संग्राम सिंह पुंडीर आदि ने मौजूद रहे। कूच में भारतीय किसान यूनियन (टिकैत), उत्तराखंड किसान सभा, मजदूर संगठन सीटू समेत कई किसान एवं श्रमिक संगठन शामिल हुए। उधर हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर से आने वाले किसानों को पुलिस ने हरिद्वार में ही रोक लिया।

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