भारतीय नौसेना ने पहली बार संयुक्त कार्य बल (सीटीएफ) 154 की कमान संभाली

भारतीय नौसेना ने हिंद महासागर क्षेत्र और उससे आगे सहयोगात्मक समुद्री सुरक्षा एवं क्षमता निर्माण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को रेखांकित करते हुए संयुक्त समुद्री बलों (सीएमएफ) के अंतर्गत प्रमुख बहुराष्ट्रीय प्रशिक्षण इकाई संयुक्त कार्य बल (सीटीएफ) 154 की कमान संभाल ली है।

कमान परिवर्तन समारोह बहरीन के मनामा स्थित सीएमएफ मुख्यालय में आयोजित हुआ, जिसकी अध्यक्षता सीएमएफ/यूएस नेवसेंट/यूएस फिफ्थ फ्लीट के कमांडर वाइस एडमिरल कर्ट ए. रेनशॉ ने की। इस अवसर पर भारतीय नौसेना के उप नौसेना प्रमुख वाइस एडमिरल तरुण सोबती सहित विभिन्न सदस्य देशों के वरिष्ठ सैन्य अधिकारी उपस्थित रहे। भारतीय नौसेना के शौर्य चक्र से सम्मानित कमोडोर मिलिंद एम. मोकाशी ने इतालवी नौसेना के निवर्तमान कमांडर से औपचारिक रूप से सीटीएफ 154 की कमान ग्रहण की।

मई 2023 में स्थापित सीटीएफ 154 का मुख्य उद्देश्य सदस्य देशों के बीच प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण को बढ़ावा देना है। यह दायित्व भारत की पेशेवर विशेषज्ञता, परिचालन अनुभव और क्षेत्र में एक विश्वसनीय सुरक्षा साझेदार के रूप में बढ़ते विश्वास को दर्शाता है। सीएमएफ में 47 देश शामिल हैं।

सीटीएफ 154 का प्रशिक्षण कार्यक्रम पांच प्रमुख स्तंभों—समुद्री क्षेत्र जागरूकता (एमडीए), समुद्र का कानून, समुद्री अवरोधन अभियान, समुद्री बचाव एवं सहायता, और नेतृत्व विकास—पर केंद्रित है। यह कार्यबल नियमित रूप से समुद्री सुरक्षा संवर्धन प्रशिक्षण (एमएसईटी), कम्पास रोज़ और उत्तरी/दक्षिणी तत्परता जैसे अभ्यासों का आयोजन करता है। साथ ही, अवैध तस्करी, समुद्री डकैती और अनियमित प्रवासन जैसे साझा खतरों से निपटने के लिए सहयोगी देशों की परिचालन क्षमता को सुदृढ़ करता है।

सीटीएफ 154, सीएमएफ के अन्य टास्क फोर्स—सीटीएफ 150 (समुद्री सुरक्षा), सीटीएफ 151 (समुद्री डकैती विरोधी अभियान), सीटीएफ 152 (अरब की खाड़ी में समुद्री सुरक्षा) और सीटीएफ 153 (लाल सागर में समुद्री सुरक्षा)—के साथ समन्वय में कार्य करता है।

भारतीय नौसेना ने अपने कार्यकाल के दौरान प्रभावी प्रशिक्षण पहलों के माध्यम से वैश्विक समुद्री साझेदारी को मजबूत करने और शांति, समृद्धि एवं सुरक्षा को बढ़ावा देने का संकल्प व्यक्त किया है।

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