अब झज्जर के बादली में किसानों ने 15 एकड़ गेहूं पर चलाया ट्रैक्टर
झज्जर ….
झज्जर के बादली क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बुपनिया गांव में वीरवार को किसानों ने करीब 15 एकड़ में खड़ी गेहूं की फसल को ट्रैक्टर चलाकर नष्ट कर दिया। किसानों ने सरकार से तीनों कृषि सुधार कानून वापस लिए जाने की मांग उठाई है। वीवार को 15 किसानों ने गांव बुपनिया में करीब 15 एकड़ फसल को नष्ट करते हुए अपना विरोध जताया। तैयार हो रही फसल पर हैरो चलाते हुए फसल को नष्ट करने का यह कदम उठाया गया है। इधर, ढांसा बॉर्डर धरने पर मौजूद आंदोलन कर रहे किसान भी उन्हें समझाने के लिए पहुंचे। कहा कि फसल नष्ट करने से स्थिति का समाधान नहीं होगा। खाप प्रधान विनोद गुलिया ने भी हाथ जोड़कर अपील करते हुए कहा किसान सोच समझकर कदम उठाएं। बता दें कि इससे पहले गांव डीघल में भी एक किसान ने करीब तीन एकड़ की फसल को नष्ट करते हुए कृषि कानूनों का विरोध किया था।
दरअसल, किसान नेता राकेश टिकैत के बयान के बाद पूरे हरियाणा में फसल बर्बाद करने का सिलसिला थम नहीं रहा है। हालांकि, किसानों द्वारा फसल बर्बाद किए जाने की कड़ी में उन्हें समझाया भी जा रहा है कि वे ऐसा नहीं करें। लेकिन, ऐसा हो नहीं रहा। इससे पहले पानीपत, रोहतक हिसार, बहादुरगढ़ और जींद में भी किसानों के अपनी फसल को बर्बाद करने के मामले सामने आए थे। किसान नेताओं ने उन्हें खेत में पहुंचकर फसल नष्ट करने से रोका भी था। इसके अलावा कई किसान नेता मंच से भी फसल बर्बाद करने की जगह गरीबों को दान करने की अपील कर चुके हैं। कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य दीपेंद्र हुड्डा भी किसानों से अपील कर चुके हैं कि फसल नष्ट करने से अच्छा है कि उसे जरूरतमंदों को दान कर दें। लेकिन किसानों पर अब इन अपीलों का असर नहीं हैं। हर रोज कहीं न कहीं किसानों की ओर से फसलों को नष्ट करने के समाचार मिल रहे हैं।
