वैश्विक निवेश का अगला प्रमुख केंद्र होगा भारत : गोयल

नयी दिल्ली ।

केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि भारत में पिछले सात साल में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश के मामले में उत्तरोत्तर नए कीर्तिमान स्थापित हुए हैं और वाले समय में देश वैश्विक निवेश गतिविधि का प्रमुख स्थान होगा।
उन्होंने कहा कि मोदी सरकार के नीतिगत सुधारों से निवेशकों की धारणा भारत के बारे में बदली है। पहले वह सोचते थे ‘भारत में क्यों ? सोच बदली और सवाल यह उठा कि ‘भारत में क्यों नहीं? पर अब निवेशकों का कहना है कि ‘हमें भारत में जरूर रहना है। वह बहुराष्ट्रीय कंपनियों पर उद्योग मंडल सीआईआई के एक सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा, ‘इस समय व्यावसायिक सफलता के सबसे ज्यादा किस्से भारत में बन रहे हैं। उन्होंने वैश्विक निवेशकों से सफलता की इस कहानी का हिस्सा बनने का आह्वान किया।
उन्होंने सीआईआई-अर्नस्ट एंड यंग की हाल की एक रपट का उल्लेख करते हुए कहा कि वैश्विक निवेश का सबसे गहमा-गहमी भरा अगला केंद्र भारत होगा।
गोयल ने कहा ,  2025 तक हम सालाना 120 अरब डालर से 160 अरब डालर तक का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश आकर्षित करने की क्षमता रखते हैं।पिछले सात वर्ष के दौरान भारत में हर साल प्रत्यक्ष विदेशी निवेश का पिछला रिकार्ड टूटता रहा। उन्होंने सरकार द्वारा किए गए बुनियादी नीतिगत सुधारों का उल्लेख करते हुए उम्मीद जतायी कि यह सिलसिला चलता रहेगा।
गोयल के पास वस्त्र और खाद्य विभाग भी हैं। उन्होंने सम्मेलन को वीडियो क्राफ्रेंसिंग सुविधा के माध्यम से संबोधित किया। उन्होंने कहा कि सरकार ने देश में निेवेश का वातावरण सुधारने के लिए कई नए कदम उठाए हैं।
उन्होंने इसी संबंध में एयर इंडिया के निजीकरण, पिछली तिथि से आरोपित आयकर कानून की व्यवस्था में बदलाव , खनन तथा कोयला बाजार में निजी कंपनियों की भागीदारी को प्रोत्साहन जैसे सुधारों की बात की और कहा कि ‘इन सब पहलों के बाद भाविष्य और अधिक उज्जवल दिखता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *