एनएचएम कर्मियों की हड़ताल से स्वास्थ्य सेवा प्रभावित

 

रुड़की।

जिले में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संगठन से जुड़े स्वास्थ्य विभाग के करीब छह सौ कर्मचारी अपनी दो मांगों को लेकर दस दिन से हड़ताल पर हैं। हड़ताल के कारण कोरोना की सैंपलिंग और टीकाकरण दोनों कार्यक्रम प्रभावित हो रहे हैं। इनके अलावा आयुष सेवाएं और कई दूसरे कामकाज भी लगभग बंद पड़े हैं। स्वास्थ्य विभाग के पास शुरू से ही काम के लिहाज से कर्मचारियों की कमी है। इसके चलते एनएचएम (राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन) के तहत बड़ी संख्या में संविदाकर्मी काम पर लगाए गए हैं। खासकर कोरोना की जांच के लिए सैंपलिंग और टीकाकरण का काम तो पूरी तरह इन्हीं संविदाकर्मियों के भरोसे है। इनके अलावा आयुष सेवाएं, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम, राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम, खून की जांच सहित कई दूसरे कामों में भी इन कर्मचारियों का योगदान है। अकेले हरिद्वार जनपद में 30 डॉक्टरों सहित लगभग 6 सौ कर्मचारी इसमें काम कर रहे हैं। पर 7 दिसंबर से ये सारे कर्मचारी हड़ताल पर हैं। एनएचएम संगठन के जिलाध्यक्ष डॉ. मनवीर सिंह के मुताबिक एनएचएम कर्मचारियों के लिए हरियाणा की तर्ज पर ग्रेड पे वेतनमान की व्यवस्था लागू करना व तैनाती के बाद रिक्रूटमेंट एजेंसी का हस्तक्षेप खत्म करने की मांग को लेकर उनकी हड़ताल चल रही है। बताया कि जब तक सरकार दोनों मांगे मानकर इनका शासनादेश जारी नहीं करती, तब तक वे काम पर वापस नहीं लौटेंगे। एनएचएम संविदाकर्मियों की हड़ताल के चलते जिले में कोरोना की सैंपलिंग, टीकाकरण के अलावा आरबीएसके, आरकेएसके और आयुष की सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। कई जगह कर्मचारी के न होने से खून की जांच व एक्सरे का काम भी नहीं हो पा रहे हैं। हालांकि लक्सर सीएचसी के अधीक्षक डॉ. अनिल वर्मा का कहना है कि कोरोना की सैंपलिंग व टीकाकरण का काम पहले की तरह चल रहा है। इसकी रिपोर्टिंग में कुछ परेशानी जरूर हो रही है।

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