बांध प्रभावित पयाल गांव के ग्रामीणों ने मांग विस्थापन
नई टिहरी। कोटेश्वर बांध परियोजना से प्रभावित पयाल गांव के ग्रामीणों ने टीएचडीसी के खिलाफ नारेबाजी कर विस्थापन की मांग की है। ग्रामीणों ने कहा जल्द उनकी मांग का समाधान नहीं होता है, तो उनकों आंदोलन के लिये बाध्य होना पड़ेगा। सोमवार को कोटेश्वर बांध परियोजना से प्रभावित पयाल गांव के ग्रामीण कलक्ट्रेट पहुंचे। भागीरथी भिलंगना घाटी आंशिक बांध प्रभावित संघर्ष समिति अध्यक्ष सोहन सिंह राणा ने कहा कि टीएचडीसी की चार सौ मेगावाट जल विद्युत परियोजना कोटेश्वर बांध से कई गांव प्रभावित हैं, जिसमें से पयाल गांव भी शामिल है। उन्होंने कहा पूर्व में पयाल गांव के नीचे कोटेश्वर बांध परियोजना का डीजल पावर हाउस बनाया गया था, लेकिन बांध की झील बनने के बाद भूस्खलन होने से परियोजना को अपना डीजल पावर हाउस दूसरी जगह शिफ्ट करना पड़ा। लगातार भूस्खलन के चलते पयाल गांव के ग्रामीणों की सिचिंत भूमि, भवन और सिंचाई नहरें क्षतिग्रस्त हो रही हैं। उन्होंने बताया विस्थापन की मांग को लेकर पूर्व में कई बार ग्रामीण धरना प्रदर्शन भी कर चुके है। भू विशेषज्ञ समिति की टीम ने अपने सर्वें में भविष्य में गांव को खत्तरा होने की बात कही है। कहा वर्ष 2019 -20 में पुनर्वास विभाग द्वारा पयाल गांव की सर्वें सीट बनाकर करीब 4 करोड़ 35 लाख रुपये की धनराशि का पत्र टीएचडीसी पत्र भेजा,लेकिन आज तक न तो प्रभावित परिवारों को धनराशि मिल पाई और न ही उनका पुनर्वास हो पाया। ग्रामीणों ने पुनर्वास निदेशक से शीघ्र बांध प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की मांग की है। कहा जल्द उनकी मांग पर सुनवाई नहीं होती है ग्रामीण 15 सितंबर से कोटेश्वर बांध क्षेत्र में धरना-प्रदर्शन और चक्काजाम करने को बाध्य होंगे। मांग करने वालों में उमेश सजवाण, अमला देवी, भरत सिंह, शक्ति देवी, उषा देवी, सुनीता देवी, सुक्वारी देवी, बैशाखी देवी, जितेंद्र सिंह, सुरड़ी देवी आदि शामिल थे।
