महिलाओं को हुनरमंद बनाया जाना समय की जरूरत: डा. फारुखी
विकासनगर। जानकी देवी एजुकेशनल वेलफेयर सोसाइटी की ओर से चिरोनवाली कंडोली में तीन वर्षीय महिला स्वरोजगार प्रशिक्षण का समापन रविवार को हुआ। प्रशिक्षण केंद्र में 120 शहरी बस्ती की महिलाओं को तीन साल तक जूट और सूती उत्पाद बनाने का प्रशिक्षण दिया गया। समापन पर सभी प्रतिभागी महिलाओं को प्रमाण पत्र वितरित किए गए। प्रशिक्षण शिविर उत्तराखंड महिला समेकित विकास योजना के सौजन्य से चलाया गया। समापन पर बतौर मुख्य अतिथि शिरकत कर रहे समाज सेवी डा. एस फारुखी ने कहा कि समाज में महिलाओं को हुनरमंद बनाया जाना समय की जरूरत है। यदि महिलाएं मजबूत हुईं तो परिवार, समाज व देश मजबूत होगा। उन्होंने महिला व पुरुषों को समाज के विकास की गाड़ी के दो पहिए बताते हुए कहा कि दोनों सशक्त होंगे तो निश्चित रूप में समाज में बदलाव आएगा। संस्था की सचिव कविता चतुर्वेदी ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में खेती आदि के संसाधनों की सुविधा के साथ ही जीविका के साधनों का विकल्प रहता है, जिसका शहरी क्षेत्रों में अभाव रहता है। उन्होंने कहा कि शहरी क्षेत्रों में जमीन की कमी के कारण यह सुविधायें नहीं उपलब्ध हो पाती हैं। इसके लिये जरूरी है कि शहरों की गरीबों को दूर करने के लिये यहां की महिलाओं को हुनरमंद बनाया जाय। कौशल विकास के जरिए हम वेस्ट को बेस्ट में बदल सकते हैं। इस दौरान ओएनजीसी की अधिकारी शालिनी जूली, साधना जयराज, निखिल, सुनीता, अमन, उर्मिला, जयराम, नीतू, विशाला, दीपा आदि मौजूद रहे।
