जौलीग्रांट एयरपोर्ट के विस्तारीकरण का विरोध

 

ऋषिकेश। अठूरवाला और आसपास के क्षेत्रों के ग्रामीणों ने जौलीग्रांट एयरपोर्ट के विस्तारीकरण का विरोध किया है। उन्होंने एयरपोर्ट विस्तारीकरण के लिए अपनी जमीन नहीं देने का फैसला लिया है। रविवार को अठूरवाला के कंडल गांव में ग्रामीणों ने बैठक आयोजित की। बैठक में देहरादून के जौलीग्रांट एयरपोर्ट के विस्तारीकरण का ग्रामीणों ने विरोध किया। ग्रामीणों ने कहा कि सरकार हवाई अड्डे के विस्तारीकरण के लिए टिहरी बांध विस्थापितों और समीप के क्षेत्रों के लोगों के घरों, दुकानों व जमीनों का बिना किसी को भरोसे में लिए ही नाप जोख की कार्यवाही कर रही है। यह निंदनीय है। टिहरी बांध विस्थापितों ने कहा कि उनके द्वारा अपनी पैतृक संपत्ति को राष्ट्र के नाम इसलिए दे दिया गया था, क्योंकि केंद्र सरकार टिहरी बांध जैसी विशाल योजना बना रही थी। 1980 के उस दौर के बाद 2008-09 में टिहरी बांध विस्थापितों को इसी हवाई अड्डे के विस्तारीकरण के कारण एक बार फिर घर छोड़ने को मजबूर होना पड़ा था। अब उत्तराखंड सरकार फिर से हवाई अड्डे की विस्तारीकरण हेतु लगातार सर्वे कर रही है। लोक निर्माण विभाग और हवाई अड्डा प्रशासन के अलावा तहसील प्रशासन के लोग इस क्षेत्र में तीन बार सर्वे कर चुके हैं। कहा कि अब क्षेत्र के लोग अपनी एक इंच जमीन भी हवाई अड्डे के विस्तारीकरण के लिए नहीं देंगे। इसके लिए ग्रामीण आंदोलन करेंगे। सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि आगे की रणनीति बनाने के लिए 20 नवंबर को फिर से बैठक का आयोजन किया जाएगा। मौके पर गजेंद्र सिंह रावत, कमल सिंह राणा, अमित मनवाल, विक्रम सिंह भंडारी, हेमचंद सिंह राणा, कुशाल सिंह राणा, राजेंद्र सिंह राणा, नत्थी सिंह रावत, विक्रम सिंह रावत, गोविंद सिंह रावत, बेताल सिंह, बलदेव सिंह, महावीर सिंह, रविंदर सिंह नेगी, रविंद्र राणा, दिनेश राणा, जय सिंह राणा, गणेश थपलियाल, भूपेंद्र सिंह राणा, शेर सिंह पंवार, कमल सिंह भंडारी, भरत सिंह पंवार, श्याम सिंह रावत, प्रेम सिंह, पंचम सिंह, देवी सिंह रावत, स्वरूप सिंह रावत आदि उपस्थित रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *