राष्ट्रपिता ने अहिंसा और सत्य का मार्ग दिखाया
विकासनगर। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर शिक्षण संस्थानों में रामधुन गूंजी। शिक्षकों और छात्र-छात्राओं ने गांधी जी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया। राजकीय प्राथमिक विद्यालय विकासनगर में शिक्षकों ने नौनिहालों को आजादी के आंदोलन की जानकारी दी। सुबह 11 बजे दो मिनट का मौन रखने के बाद नौनिहालों और शिक्षकों ने ‘रघुपति राघव राजा राम, पतित पावन सीता राम… की मधुर तान छेड़ी। जूनियर हाईस्कूल पष्टा में प्रधानाध्यापक सुरेश नौटियाल ने छात्रों को बताया कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने देश को आजादी दिलाने में विशेष योगदान दिया। एक पिता की तरह देश के नागरिकों को सही मार्ग पर चल अंग्रेजों की गुलामी के खिलाफ आवाज उठाने के लिए प्रेरित किया। प्राथमिक विद्यालय डोभरी में शिक्षकों और बच्चों ने महात्मा गांधी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया। प्रधानाध्यापक अर्चना रानी ने बच्चों को बताया कि राष्ट्रपिता ने अहिंसा और सत्य का मार्ग दिखाया। देश की आजादी के लिए अपना जीवन बिता देने वाले बापू स्वतंत्रता के कुछ महीनों बाद ही देशवासियों को छोड़कर चले गए। महात्मा गांधी की याद में उनकी पुण्यतिथि को भारत शहीद दिवस के तौर पर मनाता है। इस दौरान शालिनी गौतम, बनीता राणा, दीपा रानी, सोमवती, निर्मला देवी आदि मौजूद रहे।
शहर कांग्रेस कमेटी की ओर से तिलक भवन में राष्ट्रपिता को श्रद्धांजलि दी। शहर कांग्रेस अध्यक्ष शम्मी प्रकाश ने कहा कि महात्मा गांधी ने पूरे विश्व का शांति और अहिंसा का संदेश दिया। लेकिन आज उनके ही देश में नफरत का माहौल पैदा करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि गांधी दर्शन सर्वकालिक प्रासंगिक है। गांधी दर्शन के आधार पर ही देश के हर वर्ग का उत्थान संभव है। इस दौरान जिला महासचिव राजीव शर्मा, विकास शर्मा, कितेश आदि मौजूद रहे।
राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी की पुण्यतिथि पर पछुवादून विकास मंच द्वारा उन्हें याद कर श्रद्धा सुमन अर्पित किए गए। राजकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय लखनवाला में आयोजित कार्यक्रम में मंच द्वारा बच्चों को गांधी जी के दर्शन के बारे में बताया। मंच संयोजक अतुल शर्मा ने कहा कि भारत के राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने देश को आजादी दिलाने में विशेष योगदान दिया। भारत को आजाद कराने के लिए कई आंदोलन चलाए। घर त्याग कर आश्रम में रहकर आत्म चिंतन किया। महात्मा गांधी का पूरा नाम मोहनदास करमचंद गांधी था लेकिन उनके आचरण और योगदान के कारण सिर्फ भारतवासी ही नहीं विदेशों में भी लोग उनको बापू कहकर पुकारते हैं। देश की आजादी के लिए उनके किए गए योगदान को कोई भुला नहीं सकता है। इस दौरान सुनील तोमर, अमित सिंघल, सुनील नौटियाल, मुकेश शर्मा, उषा रानी वर्मा, रजनी धीमान, सुनीता देवी, मनजीत कौर, आशा रानी, अमोद शर्मा, वीर सिंह, मोहन खत्री आदि मौजूद रहे।
