धूमधाम से मनाया गया दुर्गा उत्सव
रुड़की
सर्बोजनीन दुर्गा पूजा कमेटी की ओर से आयोजित दुर्गा महोत्सव में महिलाओं ने सिंदूर खेला और पारंपरिक नृत्य किया। इसके बाद दुर्गा की मूर्ति का विसर्जन किया गया। पंचशील मंदिर में आयोजित दुर्गा महोत्सव के पांचवें दिन की शुरुआत पूजा और आरती के साथ हुई। इसके बाद महिलाओं ने सिंदूर खेला किया। इसमें एक-दूसरे को सिंदूर लगाकर खुशहाली की कामना की। बताया कि माता दुर्गा दुष्ट शक्तियों को नष्ट करने के लिए जानी जाती हैं। महिषासुर ब्रह्मा की कठिन तपस्या कर अमर हो गया था। उसके बाद महिषासुर ने देवता लोक में शांति को भंग करना शुरू कर दिया। फिर महिषासुर का युद्ध देवताओं के साथ भी हुआ था लेकिन सभी देवता पराजित हो गए। उसके बाद मां दुर्गा ने राक्षस महिषासुर का वध किया था।
