यूपी बोर्ड: मुरादाबाद के 41, 472 छात्र-छात्राओं को मिला लाभ
मुरादाबाद
सीबीएसई बारहवीं के बाद अब यूपी बोर्ड बारहवीं की परीक्षाएं भी रद्द कर दी गई हैं। इस परीक्षा के लिए जिले से 41, 472 छात्र-छात्राएं पंजीकृत थे।
कोरोना संक्रमण को देखते हुए बच्चों की सुरक्षा के उद्देश्य से एक के बाद एक परीक्षाएं रद्द की जा रही हैं। शिक्षा विभाग से जुड़े अधिकारियों, शिक्षकों और अभिभावकों ने इसे कठिन दौर में बच्चों की हित में लिया अहम फैसला बताया है। हालांकि बच्चों से ऑनलाइन शिक्षा जारी रखने की अपील भी की है। ताकि वह आगामी भविष्य के लिए नींव मजबूत कर सकें। जिला विद्यालय निरीक्षक प्रदीप कुमार द्विवेदी ने बताया कि बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए परीक्षाएं रद्द हुई हैं। लेकिन छात्र-छात्राएं अपनी ऑनलाइन शिक्षा जारी रखें। इसी से वह आगामी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार हो सकेंगे।
क्या कहते हैं प्रधानाचार्य
माध्यमिक शिक्षा परिषद उत्तर प्रदेश की इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षा-2021 को रद्द किए जाने का, इस कोरोना के संकट में, सरकार का निर्णय, बहुत ही प्रशंसनीय है। क्योंकि ज्यादातर परीक्षार्थी 18 वर्ष से कम आयु के हैं, जिनको अभी कोरोना वैक्सीन नहीं लगी है। इस समय यदि परीक्षा होती है तो एक दूसरे के संपर्क में आने पर बहुत से बच्चे कोरोना से प्रभावित हो सकते हैं। आगे यदि सरकार द्वारा बच्चों को एक दो विषयों में इंप्रूवमेंट के लिए परीक्षा देने का अवसर दिया जाता है तो निश्चित रूप से बच्चे इससे लाभान्वित होंगे।
मेजर सुदेश कुमार भटनागर, प्रधानाचार्य, डीएसएम इंटर कालेज कांठ
इस कोरोना संकट में बोर्ड परीक्षा 2021 को रद्द किए जाने का सरकार का निर्णय बहुत ही प्रशंसनीय है। कोरोना काल में एक जगह भीड़ इकट्ठा करना बच्चों के लिए खतरा हो सकता है। ज्यादातर परीक्षार्थियों को वैक्सीन भी नहीं लगी है। इस समय यदि परीक्षा होती है तो एक दूसरे के संपर्क में आने पर बहुत से बच्चे कोरोना से प्रभावित हो सकते हैं।
डा. अनुज अग्रवाल, प्रधानाचार्य, राजकीय इंटर कालेज मानपुर
क्या कहते हैं विद्यार्थी
उत्तर प्रदेश सरकार ने इंटर की परीक्षाओं को निरस्त करने का जो फैसला लिया है, वह इस कोविड संकट में बच्चों के हित में बहुत सही है। लेकिन हमारे द्वारा काफी समय से बोर्ड परीक्षा की तैयारी की जा रही थी, हम इससे बहुत निराश हैं कि रिजल्ट किस तरह से निर्धारित होगा। आगे अगर हमें कुछ विषयों की इंप्रूवमेंट परीक्षा देने का मौका मिलता है तो यह हमारी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अच्छा होगा।
कनिका चौधरी, छात्रा, डीएसएम इंटर कालेज कांठ
इंटर की परीक्षाओं को निरस्त करने का फैसला इस कोविड संकट में बच्चों के हित में बहुत सही है। बस मूल्यांकन का आधार क्या होगा, रिजल्ट निकालने का फार्मूला क्या होगा, इन सब बातों को लेकर चिंता बनी हुई है। छात्रों को जिन विषयों में नंबर कम लगे उसमें इंप्रूवमेंट परीक्षा का मौका मिलना चाहिए।
फैजान, छात्र, राजकीय इंटर कालेज मानपुर
क्या कहते हैं अभिभावक
इस कोरोना काल में सभी माता-पिता अपने बच्चों के भविष्य को लेकर बहुत चिंतित हैं। इंटर की बोर्ड परीक्षाएं बहुत जरूरी हैं, क्योंकि इसके परिणाम पर ही बच्चों का आगे का भविष्य निर्भर होता है। परंतु ये सब बच्चों के जीवन से बढ़कर नही हैं। सरकार ने हाईस्कूल तथा इंटर की बोर्ड परीक्षाओं को निरस्त करने का महत्वपूर्ण फैसला लिया है। इससे ये बच्चों के हित के लिए सर्वोपरि है। बच्चों का जीवन सुरक्षित रहेगा तो बच्चे आगे भविष्य में तैयारी करके, प्रतियोगी परिक्षाओं में बैठ सकते हैं।
संजय कौशिक, अभिभावक
कोरोना महामारी सभी के लिए कठिन दौर लेकर आया है। इससे उबरने के लिए सरकार हर कोशिश कर रही है। इसी क्रम में बच्चों को इस महामारी से बचाने के लिए सरकार ने अहम फैसला लिया है।
मनोज विश्नोई मानपुर, अभिभावक
