बाल संस्कार केंद्रों पर बच्चों को बांटे उपहार

देहरादून

बाल श्रम निषेध दिवस पर उत्तराखंड बाल अधिकार संरक्षण आयोग की पूर्व अध्यक्ष ऊषा नेगी ने सेवा भारती के बाल संस्कार केंद्र बकरालवाला, आजाद कॉलोनी, गोविंदगढ़ और कौलागढ़ में बच्चों को उपहार बांटे। बाल आयोग की पूर्व अध्यक्ष ने बताया कि जिस दिन उन्होंने अध्यक्ष पद संभाला उसी दिन से बाल श्रम की शिकायत आने लगी थी। बाल श्रमिकों को मुक्त करने के लिए कई अभियान चलाए गए। इसके लिए टास्क फोर्स भी बनाई गई। कुछ अफसरों के घरों से भी काम करने वाले बच्चों को मुक्त करवाया गया। कहा कि बाल श्रम पर सिर्फ एक दिन ही नहीं, बल्कि हर दिन चिंतन की जरूरत है, तभी हम बच्चों को मुक्त करवाया पाएंगे। कहा कि यदि कोई बाल श्रमिक दिखाई देता है तो उसकी सूचना 1098 पर देनी चाहिए। बच्चों का प्रथम अधिकार शिक्षा का है और अच्छा पोषण, अच्छा स्वस्थ सभी बच्चों को मिलना चाहिए। कोरोना काल में जिन बच्चों ने माता-पिता या दोनों में से एक को खो दिया है, उनकी पूरी मदद भारत सरकार और राज्य सरकार कर रही है, ऐसे बच्चों कि शिक्षा का पूरा खर्च और तीन हजार रुपये मासिक पेंशन राज्य सरकार देगी। इस मौके पर महानगर सेवा भारती के अध्यक्ष कुलदीप शर्मा, सेवा विभाग के देवराज रावत, कमल गुप्ता, अनीता, रुखसार, रिंकी मौजूद रहे।

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