UP जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव: 21 जिलों में BJP और इटावा में SP की निर्विरोध जीत
लखनऊ: इन दिनों उत्तर प्रदेश में चल रहे जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव के दौरान सूबे की सत्ताधारी पार्टी भाजपा और मुख्य विपक्षी समाजवादी पार्टी के बीच जमकर सियासी घमासान हो रहा है. बीजेपी ने आज मंगलवार को नामांकन वापसी के अंतिम दिन तक पहले ही प्रदेश के 20 जिलों में अपने प्रत्याशियो के निर्विरोध निर्वाचन से इस चुनाव में एक बड़ी बढ़त बना ली है. वहीं चुनाव में भाजपा पर सत्ता का दुरूपयोग का आरोप लगाने वाली समाजवादी पार्टी लाख कोशिशों के बावजूद महज इटावा में ही अपने उम्मीदवार को निर्विरोध निर्वाचित करा सकी है. बाकी अन्य 54 जिलों में भाजपा को अब अधिकतर सीटों पर समाजवादी पार्टी के साथ रायबरेली में कांग्रेस और मथुरा-बागपत में रालोद से टक्कर मिलती नजर आ रही है.
दरअसल, उत्तर प्रदेश की 75 जिलों में जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिये आज मंगलवार को नामांकन पत्र वापसी की अंतिम तिथि तक 22 जिलों में निर्विरोध निर्वाचन हुआ है. जिसमें नामांकन के आज अंतिम दिन सहारनपुर, पीलीभीत, शाहजहांपुर और बहराइच के भी विपक्षी उम्मीदवारो के पर्चा वापस ले लेने से 21 जिलों में भाजपा और 1 इटावा में सपा के उम्मीदवार निर्विरोध जीत गये हैं. लेकिन अन्य 53 जिलों में से 37 जिलों में सिर्फ 2, 11 जिलों में 3, 4 जिलों में 4 और 1 जिले में 5 उम्मीदवारों ने नामांकन किया है. ऐसे में UP के जिन 38 जिलों में दो-दो उम्मादवारों नें नामांकन किया है. उसमें मथुरा से रालोद, रायबरेली से कांग्रेस और अन्य सभी सीटों पर भाजपा की सपा से ही टक्कर होगी. प्रदेश के 35 जिलों में भाजपा की सीधे टक्कर सपा से ही है. जिसे देखते हुए सपा और भाजपा अपने प्रत्याशियों को जिताने के लिये अपने स्तर से हर संभव प्रयास करते नजर आ रहे हैं.
