जानें क्या हैं अटल आवासीय विद्यालय, जिनसे श्रमिकों के बच्चों को मिल सकेगा सुनहरा भविष्य
लखनऊ —
यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कैबिनेट इस साल सरकार का अंतिम बजट पेश कर रही है. इस बजट में जनता की सुविधाओं के लिए काफी कुछ भरा हुआ है. इसी के साथ फाइनेंस मिनिस्टर सुरेश खन्ना ने श्रमिकों को एक और लाभ देने की घोषणा की है. प्रदेश के श्रमिकों को सरकार की ओर से विशेष सुविधा मिलने वाली है. अब श्रममिकों के बच्चों के लिए अटल आवासीय विद्यालय बनाए जाएंगे. जहां बच्चे निरूशुल्क पढ़ सकेंगे और वहीं रहकर सारी सुविधाओं का लाभ उठा सकेंगे।
योगी सरकार श्रमिकों के श्रम को सम्मान देने के पक्ष में है. सीएम योगी ने कुछ दिन पहले मुरादाबाद में कहा था कि यह हमारी जिम्मेदारी है कि मजदूरों के भविष्य का निर्माण करें. सीएम का कहना है कि श्रमिक हमारे समाज में जो योगदान देते हैं, वह अनमोल है. अब उनके लिए काम करना सरकार की जिम्मेदारी है. सीएम ने यह भी कहा था कि अब हमारे मजदूरों के बच्चे खानाबदोश जीवन नहीं जिएंगे. इसलिए हर मण्डल मुख्यालय पर अटल आवासीय विद्यालय बनाए जाएंगे. श्रमिक किसी भी शहर या राज्य में रहकर काम कर रहे हों, उनके बच्चों को पढ़ाई छोड़ कर साथ नहीं जाना पड़ेगा. वह एक ही जगह रहकर पढ़ाई करेंगे और अपनी भविष्य बनाएंगे।
सरकार ने निर्णय लिया था कि प्रदेश के 18 मण्डलों में अवासीय विद्यालय खोले जाएंगे. बता दें, अभी तक श्रम विभाग की ओर से विहान आवासीय विद्यालयों का संचालन किया जाता है. लेकिन अब आवासीय विद्यालयों के निर्माण की जिम्मेदारी लोक निर्माण विभाग को दी जा रही है. जानकारी के मुताबिक, इस अटल आवासीय विद्यालय में 6वीं से लेकर 12वीं तक कुल छात्र संख्या 1000 होने का लक्ष्य रखा गया है. प्रदेश के 18 मण्डलों से इसकी शुरुआत की जाने वाली है।
योगी सरकार श्रमिकों के बच्चों के लिए यूपी के सभी 18 मण्डलों में 18 अटल आवासीय विद्यालय बनवा रही है. ये स्कूल नवोदय विद्यालय की तर्ज पर बन रहे हैं. एक स्कूल में 1000 बच्चे बिना कोई फीस दिए पढ़ पाएंगे. 12 से 15 एकड़ में बनने वाले इन स्कूल में बच्चों के लिए हॉस्टल होगा और खेलने के लिए मैदान भी तैयार किए जाएंगे।
अटल आवासीय विद्यालयों में बच्चों को निरूशुल्क पढ़ाई कराई जाएगी. इसके साथ ही, कॉपी-किताबें या हॉस्टल का भी कोई चार्ज नहीं लगेगा. इस योजना से यूपी के 18 हजार श्रमिकों के बच्चों को अच्छी शिक्षा दी जा सकेगी।