गीता में जीवन की सभी समस्याओं का हल
पौड़ी। पौड़ी में श्रीमद्भागवत कथा सुनाने हुए कथावाचक सुधीर बड़थ्वाल ने कहा कि भगवान कृष्ण की महारास लीला इतनी दिव्य है कि स्वयं शंकर उनके बाल रूप के दर्शन करने के लिए गोकुल पहुंच गए थे। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा में जीवन की सभी समस्याओं का निवारण है। कथा में कृष्ण विवाह से लेकर महाभारत में युद्ध में कृष्ण की भूमिका के प्रसंग सुनाए गए।
मथुरा गमन प्रसंग में कृष्ण मथुरा जाने लगे तो ब्रज की गोपियां कृष्ण के रथ के आगे खड़ी हो गईं और उनसे न जाने का आग्रह किया। गोपियों ने कहा कि हम से प्रेम क्यों किया। गोपी उद्धव संवाद, कृष्ण-रुकमणी विवाह उत्सव का श्रद्धालुओं ने कथा में श्रवण किया। कथा श्रवण के लिए आस-पास के श्रद्धालुओं भी बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं। कथा का रसपान करवाते हुए एक प्रसंग के दौरान ने कथावाचाक बड़थ्वाल ने कहा कि कृष्ण संसार के सबसे बड़े आध्यात्मिक गुरु थे। कृष्ण की पावन लीलाओं का वर्णन करते हुए कहा कि बच्चों को धर्म का जो ज्ञान बचपन में दिया जाता है, वह जीवन भर स्मरण रहता । ऐसे में बच्चों को धर्म व आध्यात्म का ज्ञान दिया जाना चाहिए। माता-पिता की सेवा व प्रेम के साथ समाज में रहने की प्रेरणा ही धर्म का मूल है । सम्मान के योग्य वही है जिसकी दूसरे प्रशंसा करें। कथा के छठवे दिन कृष्ण की रासलीला की कथा का श्रृंगार रस के साथ वर्णन सुन कर श्रद्धालु सराबोर हो गए।.
