लंपी रोग से दो पशुओं की मौत
रुड़की। पशुओं में लंपी स्किन रोग नामक खतरनाक बीमारी तेजी से बढ़ती जा रही हैं। क्षेत्र में लगभग ढाई सौ पशु लंपी स्किन रोग की चपेट में आ गए हैं। शुक्रवार को इस रोग से संक्रमित 2 पशुओं की मौत भी हो गई हैं। तेजी से फैलते लंपी रोग को देखते हुए पशु चिकित्सका विभाग सतर्क हो गया हैं। पशु चिकित्सक डॉ. उमेश चंद्र भट्ट का कहना है कि जिस प्रकार इंसानों में कोरोना फैला था, उसी प्रकार अब पशुओं में भी एक संक्रामक बीमारी फैली है। उन्होंने बताया कि यह रोग गाय एवं भैंसों के विषाणु के संक्रमण से फैलता है। संक्रमण मच्छर, मक्खी तथा हवा के माध्यम से फैलता हैं। स्वस्थ पशु जब संक्रमित पशु के संपर्क में आता हैं तो संक्रमण उनके अंदर भी आ जाता हैं। उन्होंने बताया कि शुरुआत में पशुओं को हल्का बुखार होता हैं, उसके बाद पशुओं के शरीर पर गांठ सी नजर आने लगती है। इसके बाद पशुओं के पैरों में सूजन आने लगती हैं। इस बीमारी से ग्रसित होने के बाद पशु की इम्युनिटी कम हो जाती हैं। पशु काफी कमजोर हो जाता हैं। इस बीमारी से पशुओं की मृत्यु हो रही है। बताया कि बीमारी को रोकने के लिए वैक्सीनेशन का काम शुरू कर दिया गया हैं। अभी तक 2000 पशुओं को वैक्सीन लगा दी गई हैं। अब वैक्सीनेशन में तेजी लाई जाएगी। बताया कि संक्रमित पशुओं को सही उपचार मिलने से अधिकतर पशु सही हो रहे हैं।
