आठ दिन में 60 से ज्यादा लोगों की मौत
बिजनौर
बुखार, खांसी और उसके बाद सांस लेने में दिक्कत या यूं कहे कि ऑक्सीजन की कमी के चलते नगर व आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में हो रही मौतों का सिलसिला थम नहीं रहा है। तीन समाजसेवियों, जिनमें एक शिक्षक व भाकपा के वरिष्ठ नेता शामिल हैं, की बुखार और सांस लेने में दिक्कत के चलते मौत हो गई। लगातार मौतों के सिलसिले ने पिछले आठ दिन में 60 से ज्यादा लोगों को लील लिया है। लेकिन, लोग अभी भी कोरोना वायरस से बचने के लिए जारी दिशा-निर्देशों का खुला उल्लंघन कर रहे हैं।
पिछले 24 घंटों में मोमिन जूनियर हाईस्कूल के शिक्षक एवं समाजसेवी युसूफ हमीदी अंसारी निवासी मोहल्ला मुफ्ती सराय का निधन हो गया। उनके अकस्मात निधन से मोहल्ले में शोक छा गया और बड़ी संख्या में लोगों ने उनको अंतिम विदाई दी। उधर, ग्राम सैन्दवार निवासी समाजसेवी मृदुभाषी आनंदपाल (55 वर्ष) का बुखार व सांस लेने में दिक्कत के चलते अकस्मात निधन हो गया। किसी के भी दुख दर्द में बढ़ चढ़कर भाग लेने वाले आनंदपाल की अंतिम यात्रा में गिने-चुने लोग ही शामिल हुए। उधर, वरिष्ठ भाकपा नेता ग्राम स्याऊ निवासी ओमप्रकाश तंवर (65 वर्ष) का भी बुखार के चलते अकस्मात निधन हो गया। भाकपा, माकपा व किसान सभा के आंदोलनों में सबसे आगे लाल झण्डा लेकर चलने वाले ओमप्रकाश तंवर के निधन से गांव सहित पार्टी कार्यकर्ताओं में शोक छा गया। लेकिन, लोग अभी भी कोरोना संक्रमण के सम्भावित लक्षण होने के बाद जरूरी समझे जाने वाला आरटी पीसीआर टेस्ट नहीं करा रहे हैं।
