इंटीग्रेटेड बीएड कोर्स में सीयूईटी परीक्षा में शामिल छात्र भी प्रवेश के पात्र
श्रीनगर गढ़वाल। हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल केंद्रीय विवि में चार साल के इंटीग्रेटेड बीएड कोर्स को लेकर छात्रों की बीच बनी असमजंस की स्थिति अब खत्म हो गई है। गढ़वाल विवि के कुलसचिव डा. धीरज शर्मा की ओर से जारी नोटिफिकेशन में कहा गया है कि सत्र 2023-24 के बीएड चार वर्षीय अध्यापक शिक्षा कार्यक्रम (आईटीईपी) के अंतर्गत बीए-बीएड, बीएससी-बीएड व बीकॉम-बीएड पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए आयोजित की गई सीयूईटी-यूजी एवं एनसीईटी दोनों में किसी भी परीक्षा शामिल छात्र-छात्राएं प्रवेश के पात्र होंगे। इससे पूर्व गढ़वाल विवि ने इंटीग्रेटेड बीएड कोर्स में प्रवेश के लिए एनसीईटी की प्रवेश परीक्षा दिए जाने का नोटिस जारी किया था। जिसके कारण सीयूईटी इंटीग्रेटेड बीएड प्रवेश परीक्षा में शामिल छात्र-छात्राएं असमंजस की स्थिति से गुजर रहे थे। इस संदर्भ में बिड़ला परसिर की छात्र संघ की छात्रा प्रतिनिधि मोनिका चौहान ने कुलसचिव से मिलकर स्थिति पूरी तरह से स्पष्ट किए जाने की मांग की थी। उन्होंने कहा था कि कई छात्रों ने बीएड पाठ्यक्रम के लिए आवेदन किया था और परीक्षा में भी शामिल हुए थे। लेकिन गढ़वाल विश्वविद्यालय ने दुबारा नोटिस निकालकर चार वर्षीय बीएड कोर्स नेशनल कॉमन एट्रेंस टेस्ट (एनसीईटी) के माध्यम से करावाए जाने की सूचना जारी की। जिससे सीयूईटी बीएड प्रवेश परीक्षा की मान्यता को लेकर सवाल उठे थे। विवि ने भी बीएड में प्रवेश के लिए एनसीईटी की परीक्षा देने की बात कही थी। जिससे छात्रों में आक्रोश गहराने लग गया था। लेकिन अब गढ़वाल विवि प्रशासन ने बीएड इटीग्रेटेड़ कोर्स को लेकर छात्रों के असमंजस को दूर कर दिया है। विवि के कुलसचिव डा. धीरज शर्मा की ओर से गत 21 जुलाई को सीयूईटी-यूजी एवं एनसीईटी दोनों में से किसी भी परीक्षा में शामिल होने वाले छात्रों के प्रवेश के लिए पात्र होने का आदेश जारी कर दिया गया है।
