गुस्ल शरीफ के साथ उर्स की मुख्य रस्में संपन्न
रुड़की। साबिर पाक के 755वें सालाना उर्स में गुस्ल शरीफ की रस्म अदा की गई। इसके साथ ही मजार शरीफ में संदल पेश किया गया। इसके बाद गुस्ल का पानी पाने के लिए जायरीनों का हुजूम उमड़ पड़ा। इन रस्मों के साथ ही उर्स की मुख्य रस्में संपन्न हो गई। अब जायरीनों की आवाजाही लगी रहेगी।
दरगाह पिरान कलियर के 755वें सालाना उर्स में लाखों जायरीन उमड़े। रबीउल अव्वल की 14 तारीख को साबिर पाक के मजार ए मुक़द्दस और पूरी दरगाह को गुलाब जल और केवड़ा से नहलाया गया। सज्जादानशीन शाह अली एजाज साबरी कुद्दुसी ने गुस्ल शरीफ की रस्म अदा कराई। उर्स में देश विदेश और पाकिस्तान से आए जायरीनों ने गुस्ल शरीफ की रस्म में शिरकत की। गुस्ल शरीफ के दौरान पूरी दरगाह खुशबू से महक उठी। रस्म अदायगी के दौरान सबसे पहले मजार शरीफ को गुलाब जल से नहलाया गया।
