ग्रामीणों के लिए मुसीबत का सबब बन गये हैं आवारा पशु

विकासनगर

तहसील क्षेत्र में आवारा पशु किसानों के लिए मुसीबत बन गए। क्षेत्र चिल्हाड गांव के ग्रामीणों ने बैठक कर आवारा पशुओं की समस्या पर चिंता व्यक्त की। ग्रामीणों ने तहसील प्रशासन व पशुपालन विभाग से आवारा पशुओं से निजात दिलाने की मांग की है। त्यूणी क्षेत्र के हर गांव में आवारा पशुओं का घूमना फिरना विकराल समस्या हो गई।आवारा पशुओं से बाग बगीचे फसल बचाना बडा मुश्किल हो गया। सेब बागवान अतरसिंह, नरबीर सिंह, अर्जून देव ने बताया आज के युग मे किसान अपनी फसल बगीचे जंगली जानवरों से बचा सकते है। लेकिन आवारा पशु गाय बैल बछड़े से चौबीस घंटे कौन चौकीदारी करेगा। कई गांव में दर्जनों पशुओं ने डेरा डाले हुए है। किसानों का कहना है कि आखिर इन आवारा पशुओं को भगाये तो कहां भगाये।अब यह समस्या विकराल होती जा रही है। इन आवारा पशुओं को एक गांव दुसरे गांव की सीमा में छोड़ कर आते ऐसे में अब गांव वाले ही आपस में लड झगड़ रहे है। शुक्रवार को चिल्हाड गांव में ग्रामीणों की आवारा पशुओं के सम्बन्ध में बैठक हुई जिसमें ग्रामीणों ने पशुओं की पहचान ‌टेकिग पर जोर दिया। पशु पालन विभाग व तहसील प्रशासन से सहयोग मांगा। स्याणा पीताम्बर दत्त बिजल्बाण ने बताया कि आवारा पशुओं की गणना कर उनकी पहचान की जायेंगी। पहचान छिपाने वाले पशु पालक के खिलाफ तहसील पुलिस स्तर पर कार्यवाही की मांग की जायेंगी।बैठक में स्याणा पीताम्बर दत्त बिजल्बाण, मूरत राम बिजल्बाण, लछीराम बिजल्बाण, सुभाष चन्द्र, रामलाल, कानचनद, भोटू राम, राजेन्द्र, मोहनलाल, चतर सिंह, विजय राम, रोशन लाल आदि मौजूद रहे।

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