म्यांमार में आए भूंकप ने सागांग फॉल्ट के 400 किलोमीटर से अधिक हिस्से को तोड़ दिया

बीते महीने 28 मार्च को 7.7 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप से म्यांमार में भयावक तबाही मची थी। दुनिया के सबसे बड़े फॉल्ट में से एक के टूटने से बने भूकंप के चलते म्यांमार और आस-पास के क्षेत्रों में भूचाल ला दिया था। भूकंप के चलते 5000 से ज्यादा लोगों के हताहत होने की पुष्टि हुई है। भूकंप का केंद्र म्यांमार में मांडले के पास था, लेकिन इसका असर थाईलैंड और बांग्लादेश तक देखा गया। अब घटना के कुछ दिनों बाद भूकंप विज्ञानियों ने इसके व्यवहार और बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचाने वाले तेज झटकों पर महत्वपूर्ण जानकारी प्रस्तुत की है।
अमेरिकी जियोलॉजिकल सर्वे के भूकंप विज्ञानी सुसान हॉफ के अनुसार, मार्च में आए भूकंप ने सागांग फॉल्ट के 400 किलोमीटर से अधिक हिस्से को तोड़ दिया। यह प्रमुख स्ट्राइक-स्लिप फॉल्ट मध्य म्यांमार से होकर गुजरता है। शोधकर्ता नादिन रीटमैन ने बताया कि यह दरार दुनिया भर में दर्ज की गई सबसे बड़ी सतह दरारों में से एक है। सागांग फॉल्ट ने पिछली सदी में 6 तीव्रता और उससे बड़े कई भूकंपों को पैदा किया है, लेकिन 1839 के बाद से 7 तीव्रता के भूकंप का अनुभव नहीं हुआ था।
यह दरार शुरुआत में धीमी गति से होने के बाद ध्वनि की गति से भी तेज गति से टूट गई। थाईलैंड और चीन के युन्नान और ग्वांग्डन प्रांतों में भूकंप के बाद भूकंपीय गतिविधि में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है। यह म्यांमार में आए शक्तिशाली भूकंप से उत्पन्न तनावों के व्यापक रूप से सक्रिय होने का संकेत देती है।

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