आरटीआई के तहत पूछे गये सवालों की लोनिवि ने नहीं दी सही जानकारी
विकासनगर।
कालसी-चकराता मोटर मार्ग पर जजरेट की पहाड़ी पर पिछले दस वर्षों से हो रहे भूस्खलन की घटनाओं, उस पर किये गये व्यय और भूस्खलन को रोकने को लेकर सूचना के अधिकार के तहत पूछे गये सवालों का लोनिवि ने गोलमोल जवाब दिया है।यह आरोप आरटीआई कार्यकर्ता ने लगाकर मामले में सक्षम अधिकारी के पास अपील करने की बात कही है।
आरटीआई कार्यकर्ता अरविंद शर्मा निवासी विकासनगर ने पिछले दस वर्षों से जजरेटी की पहाड़ी पर हुए भूस्खलन की घटनाओं की संख्या के जवाब में लोक सूचना अधिकारी लोनिवि ने जवाब दिया कि भूस्खलन की घटना होती है इसक अभिलेख उपलब्ध नहीं है। शर्मा ने अपने दूसरे बिंदू में पूछा कि भूस्खलन को रोकने के लिए लोनिवि ने कोई योजना तैयार की है। जिस पर लोनिवि कोई कार्य योजना तैयार न होने व इस तरह का कोई प्रस्ताव न होने की बात कही है। शर्मा ने भूस्खलन से बार बार पहाड़ी का मलबा हटाये जाने को लेकर पिछले दस वर्षों से हुए खर्च का वर्षवार व्योरा मांगा। जिस पर लोनिवि ने जवाब दिया कि विभागीय मशीनों के द्वारा कार्य करवाकर मार्ग खोला जाता है। जिसके चलते व्यय कोई ब्योरा नहीं है। विभाग के जवाबों से असंतुष्ट आरटीआई कार्यकर्ता शर्मा ने कहा कि विभाग ने कुछ वर्ष पहले जजरेट की पहाड़ी पर हुए भूस्खलन को लेकर पहाड़ी का ट्रीटमेंट किया था। ट्रीटमेंट सफल नहीं रहा। जिसके बाद वैकल्पिक मार्ग व एक बड़ा पुल बनाने का डीपीआर विभाग बनाकर शासन को पहले भेज चुका है। लेकिन विभाग ने आरटीआई के अंतर्गत मांगी गयी एक भी जानकारी सही नहीं दी। कहा कि इस मामले में दुबारा अपील कर विस्तार से जानकारी मांगी जायेगी।
