समाजिक कार्यकर्ता सूरी को श्रद्धांजलि दी
हल्द्वानी। सामाजिक कार्यों में बढ़चढ़ कर हिस्सेदारी करने वाले गुलशन कुमार सूरी को विभिन्न संगठनों ने श्रद्धांजलि दी। उनका बीते 31 दिसंबर को निधन हो गया था। बुधवार को आयोजित श्रद्धांजलि सभा में वक्ताओं ने कहा कि पाकिस्तान भारत विभाजन में सूरी ने कई कष्ट और पीड़ा सही लेकिन कभी भी उन्होंने सांप्रदायिकता को बढ़ावा नहीं दिया। वह सभी धर्म जाति के लोगों को समान रूप से प्यार करते थे। तमाम उम्र वह गरीबों की सेवा में लगे रहे। वो साहित्य में बहुत रुचि रखते थे उनकी अभी एक पुस्तक प्रकाशित हुई है ,जिसमें उन्होंने मिर्जा गालिब की कविता को उर्दू से हिंदी में ट्रांसलेट किया है। उन्होंने तमाम तरह की पत्र-पत्रिकाओं का उर्दू से इंग्लिश हिंदी से इंग्लिश में अनुवाद किया। उन्होंने बेहतर समाज के निर्माण के लिए हमेशा आगे आ कर काम किया। सभा में प्रगतिशील महिला एकता केंद्र, क्रांतिकारी लोक अधिकार संगठन परिवर्तन कामी छात्र संगठन के कार्यकर्ता शामिल हुए। इस दौरान लक्ष्मी पंत, बब्बू भट्ट, रमेश कुबेर, पीपी आर्य, आनंद पांडे, टीआर पांडे, मुकेश भंडारी, मोहन मटियाली, रजनी आदि शामिल रहे।
