गौला नदी का बहाव आबादी की ओर से हटाने की मांग

हल्द्वानी। बिन्दुखत्ता क्षेत्र में गौला नदी के बहाव को आबादी की ओर से हटाने की मांग को लेकर भाकपा माले ने डीएम कार्यालय में प्रदर्शन किया। एडीएम को ज्ञापन देकर मामले में ठोस कार्रवाई की मांग की।
बुधवार को कैंप कार्यालय पहुंचे किसान नेता बहादुर सिंह जंगी ने बताया कि गौला नदी ने बिन्दुखत्ता क्षेत्र में काफी तबाही मचाई थी। उफनाई हुई गौला नदी ने बिन्दुखत्ता के इन्द्रानगर, रावतनगर, खुरियाखत्ता क्षेत्र में आबादी की ओर रूख किया और एकड़ों जमीन गौला नदी में समा गई। सबसे ज्यादा नुकसान इन्द्रानगर क्षेत्र में होने के कारण प्रशासन ने इन्द्रानगर क्षेत्र में पानी के बहाव को आबादी से हटाने के लिए जेसीबी मशीनें लगाई थी। रावतनगर क्षेत्र में भी गौला नदी ने बहुत बड़े क्षेत्र का कटान किया लेकिन क्षेत्रवासियों द्वारा बार-बार मांग करने पर भी गौला नदी का रूख मोड़ने की कोई कार्यवाही प्रशासन की ओर से नहीं की गई। रावतनगर (शिशमाणी) क्षेत्र में भी दर्जनों ग्रामीणों की जमीन गौला में समा गई थी। इस क्षेत्र में गौला नदी में हमेशा पानी रहता है और धीरे-धीरे ग्रामीणों की जमीन को काट रहा है। यदि एक भारी बारिश और आती है तो गौला नदी का पानी कुछ घरों को भी लील सकता है। माले नेता डॉ कैलाश पांडे ने कहा कि गौला नदी ने किसानों की कई एकड़ कृषि भूमि को काट दिया है। लेकिन शासन प्रशासन बारिश के कुछ दिनों में सक्रियता दिखाने की औपचारिकता पूरी करने के अलावा कुछ नहीं करता है। उन्होंने कहा कि बरसात का इंतजार करने के बजाय अविलंब तौर पर पक्के तटबंध बनाए जाएं।इसके साथ ही बौड़ खत्ता, खमारी खत्ता, टीला खत्ता के वन गुर्जरों को सोलर लाइट, कोटाबाग और रामनगर ब्लॉकों के खत्तावासियों के परिवार रजिस्टर बनाए जाने की मांग उठायी। अपर जिलाधिकारी के अलावा प्रभागीय वनाधिकारी तराई पूर्वी व उपजिलाधिकारी के सामने भी मामला उठाया गया है। इस दौरान गुलाम मुस्तफा, याकूब, इरशाद, बशीर, फिरोजुद्दीन, अब्दुल रहमान आदि शामिल रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *