रुड़की में लिए सैंपल, कटटू के आटे की बिक्री पर रोक
रुड़की। नवरात्रि के समय व्रत रखने वाले भक्त कुटटू के आटे से बने हुए खाने को खाते हैं। साल 2020 में अक्तूबर में नवरात्रि के दौरान रुड़की और आसपास क्षेत्र में कुटटू के आटे से बनीं पूड़ियां खाने से डेढ़ सौ से ज्यादा लोग बीमार पड़ गए थे। सभी को सरकारी और निजी अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था। 2021 में भी इस तरह के मामले सामने आए थे। इस बार हरिद्वार क्षेत्र में कुटटू के आटे से बना खाना खाने के बाद सौ से ज्यादा लोग बीमार पड़ गए। एक साथ इतने लोगों के बीमार पड़ने के बाद प्रशासन में हलचल मच गई।
रविवार अवकाश के बाद खाद्य सुरक्षा विभाग सक्रिय हुआ। रुड़की में वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी संतोष कुमार के नेतृत्व में सैंपल लेने के लिए अभियान चलाया गया। उन्होंने बताया कि अनाज मंडी से कुटटू के आटे और गिरी के सैंपल लिए गए। मंगलौर और रामनगर में भी कुटटू के आटे के सैंपल लिए गए। वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि अगले आदेश तक कुटटू के आटे की बिक्री रोकने को कहा गया है। व्यापार मंडल को भी इस बारे में अवगत करा दिया गया है।
गर्म होता है कुटटू का आटा- कुटटू के आटे से बने खाना को खाने से अब तक अक्तूबर में लोगों के बीमार होने के मामले आए थे। तब मौसम में हल्की ठंड होने लगती है और कुटटू के आटे पर फंगस लग जाता है। अप्रैल में गर्मी होने के कारण फंगस का खतरा नहीं रहता है। वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी संतोष कुमार का कहना है कि अक्तूबर में फंगस लगने का खतरा रहता है। इस समय फंगस तो नहीं लगता, लेकिन कुटटू का आटा गर्म होता है। इन दिनों गर्मी भी बढ़ रही है। व्रत के बाद कुटटू से बने आटे से बने खाने को खाने के बाद जी मिचलना आदि की समस्या होती है।
