अपने समाज के हित की बात बोली तो कांग्रेस ने किया निष्कासित
रुद्रपुर। सफाई कर्मचारी आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष संतोष गौरव को कांग्रेस पार्टी से छह साल के लिए निष्कासित कर दिया है। पार्टी द्वारा किए गए निष्कासन पर गौरव ने कहा कि जिस पार्टी में वह अपने समाज की बात न कह सकें, उस पार्टी में वह रह भी नहीं सकते। नगर पालिका सभागार में आयोजित पत्रकार वार्ता में संतोष ने कहा कि उनका निष्कासन 27 जून को अग्निवीर योजना के खिलाफ चल रहे कांग्रेस का सत्याग्रह का विरोध करने पर किया गया। कहा कि केंद्र सरकार की अग्निवीर योजना में युवाओं को कम से कम चार साल तक नियमित रोजगार और सेवानिवृत्त होने पर 11 से 12 लाख रुपये देकर घर भेजने की योजना का वह समर्थन करते हैं। रिटायरमेंट के बाद भी अग्निवीरों को सरकारी नौकरियों में प्राथमिकता दी जाएगी। सवाल उठाया कि 2008 से नगर पालिका में ठेका और संविदा प्रथा लागू हुयी, तब कांग्रेस ने इसका विरोध क्यों नहीं किया? नगर पालिका के 166 कर्मचारियों को वेतन का भुगतान नहीं हो रहा था, तब भी कांग्रेस चुप रही। प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कर्मचारियों का छह माह का वेतन जारी किया।
संतोष ने कहा कि उन्हें समाचार पत्रों से पता चला कि उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया गया है। कहा कि वह ऐसे किसी दल में नहीं रह सकते जिसमें उनके समाज की उपेक्षा हो। संतोष गौरव ने जान का खतरा भी जताया। उनका कहना था कि खटीमा में कांग्रेस के बड़े नेता उन्हें झूठे मामलों में फंसाने की कोशिश कर सकते हैं। इस दौरान कांग्रेस वार्ड संख्या 16 के बूथ अध्यक्ष गोविंदा और सचिव भारत भूषण भारती ने भी पार्टी से इस्तीफा दे दिया।
