वर्ष की एक मात्र सोमवती अमावस्या को किया स्नान, दान
मुरादाबाद
साल की पहली और आखिरी सोमवती अमावस्या पर श्रद्धालुओं ने व्रत रखा, स्नान किया और दान कर आराधना की। हालांकि सोमवार को भी सोमवती अमावस्या आंशिक ही रही। हरि ज्योतिष संस्थान के ज्योतिर्विद पंड़ित सुरेंद्र शर्मा एवं पंडित केदारनाथ मुरारी ने बताया ने बताया सोमवार को भी अमावस्या सुबह 8 बजकर 46 सेकेंड पर चली गई थी। सूर्योदय तिथि होने के कारण अमावस्या मानी गई। मगर श्रद्धालुओ ने व्रत रखा।
उन्होंने अन्न, फल, फसली फल, पंखा और गरीबों को वस्त्र आदि दान किये। भगवान की आराधना की और मन्नतें मांगी। बताया इस दिन स्नान का बहुत महत्व है। इसीलिए बड़ी संख्या में लोग ब्रजघाट स्नान करने गए। जो लोग वहां न जा सके, उन्होंने घर के पानी में ही गंगाजल मिलाकर स्नान किया। उन्होंने बताया लंबे समय बाद ऐसा संयोग बना जब किसी वर्ष में मात्र एक सोमवती अमावस्या रही और वह भी आशंकि। उन्होंने बताया 12 अप्रैल की शाम 6 बजकर 58 मिनट पर प्रतिपदा तिथि आरंभ हो गई। यह मंगलवार की सुबह 8 बजकर 46 मिनट तक रहेगी। इसलिए प्रतिपदा का मान 13 अप्रैल को होगा। इसी दिन सूर्य की मेष राशि में संक्रांति होगी। इससे सूर्य अपनी उच्च राशि में प्रवेश करेगा। साथ ही भौमाष्टमी और सर्वार्थ अमृत सिद्धि योग नवरात्र के महत्व में वृद्धि करेगा और इसी दिन से नवसंवत्सर का आरंभ होगा।
