सुकन्या समृद्धि योजना से आत्मनिर्भर होगी बेटी

यह कड़वा सच है कि बेटियों की पढ़ाई-लिखाई, पालन-पोषण से लेकर उनकी शादी तक की चिंता में माता-पिता घुलते नजर आते हैं। ऐसे ही अभिभावकों के लिए केंद्र सरकार की एक योजना कई साल से चल रही है, जिसकी सहायता से कुछ साल तक लगातार बचत करने पर 21 साल की होते ही आप अपनी बेटी को लगभग 70 लाख रुपये की टैक्स फ्री व्हाइट मनी दे सकते हैं, जो उसके बेहद काम आ सकती है। इस केंद्रीय योजना का नाम सुकन्या समृद्धि योजना है, जिसके अंतर्गत प्रत्येक भारतीय अपनी बिटिया के जन्म लेते ही पोस्ट ऑफिस या बैंक में खाता खुलवा सकता है। लगातार 15 साल तक निवेश करने के बाद, 21 साल पूरे होने पर 69 लाख 80 हजार रुपये से ज्यादा की रकम बिटिया के खाते में जमा दिखाई देगी।
सुकन्या समृद्धि योजना के तहत खाता वही शख्स खुलवा सकता है, जो 10 साल से कम उम्र की बेटी का पिता या अभिभावक हो… इस अकाउंट में भी हर साल लोक भविष्य निधि, यानी पब्लिक प्रॉविडेंट फंड या च्च्थ् खाते की ही तरह अधिकतम 1,50,000 रुपये जमा किए जा सकते हैं, लेकिन इस खाते में हर साल जमा कराई जा सकने वाली न्यूनतम राशि 250 रुपये ही है। सुकन्या समृद्धि योजना की सबसे खास बात यह है कि यह आज की तारीख में सबसे ज्यादा ब्याज कमाने वाली सरकारी योजनाओं में से एक है, जिसके हर खाताधारक को हर वर्ष 8 फीसदी की दर से ब्याज अदा किया जाता है, जबकि पीपीएफ में मिलने वाला ब्याज 7.1 फीसदी की दर पर अदा किया जाता है। सो, इस योजना में यदि बिटिया के पैदा होते ही खाता खुलवा लिया जाए, तो उसमें बिटिया के 15 वर्ष की होने तक आपको हर साल निवेश करना होगा, जो अधिकतम 1,50,000 रुपये हो सकता है। इस खाते में भी अधिकतम ब्याज कमाने का सबसे अच्छा अवसर तभी है, जब आप यह निवेश हर वित्तवर्ष में अप्रैल की 5 तारीख से पहले ही कर दें। इस तरह से आप 15 साल में कुल मिलाकर 22,50,000 रुपये का निवेश करेंगे, और 21 वर्ष की होने पर जब आपकी बिटिया को मैच्योरिटी की रकम हासिल होगी, वह 69,80,093 रुपये होगी, बशर्ते मौजूदा ब्याज दर में कोई बदलाव नहीं हो।
इस कुल राशि में ब्याज का हिस्सा 47,30,093 रुपये होगा, और सबसे अहम पहलू यह है कि बेटी को इस समूची रकम (69,80,093 रुपये) पर किसी भी तरह का कोई टैक्स नहीं देना होगा। वैसे, ध्यान रहे, ब्याज दर को सरकार हर तिमाही में संशोधित करती है, सो, ब्याज की दर में बदलाव होने पर खाता परिपक्व होने, यानी मैच्योरिटी पर बेटी को मिलने वाली रकम में कुछ घट-बढ़ हो सकती है।
बेटी के पैदा होते ही अगर आप किसी भी पोस्ट ऑफिस या बैंक की शाखा में सुकन्या समृद्धि खाता खुलवा लेते हैं, और उसमें शुरुआती राशि 1,50,000 रुपये जमा करवा देते हैं, तो एक साल पूरा होने पर उसे 8 फीसदी की दर से 12,000 रुपये का ब्याज हासिल होगा, जो अगले साल अप्रैल की शुरुआत में कुल मूल निवेश को 1,62,000 रुपये बना देगा, जिसमें अगले साल के निवेश के 1,50,000 रुपये जमा करवा देने पर दूसरे साल में आपको जिस रकम पर ब्याज मिलेगा, वह 3,12,000 रुपये होगी, और उस पर मिलने वाला सालाना ब्याज 24,960 रुपये बनेगा… इसी तरह 15 साल तक लगातार हर साल अप्रैल में ही बिटिया के सुकन्या समृद्धि खाते में 1,50,000 रुपये जमा करवाते रहने पर आप कुल मिलाकर 22,50,000 रुपये जमा करवाएंगे। और उसके बाद बेटी के 21 साल का होने का इंतजार करेंगे, जब यह खाता मैच्योर होगा… अगले छह साल तक आप इस खाते में कुछ भी निवेश नहीं करेंगे, और ब्याज लगातार हर साल बिटिया के खाते में जुड़ता रहेगा, मैच्योरिटी पर कुल मिलाकर 69,80,093 रुपये बेटी को हासिल हो जाएंगे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *