सनातन संस्कृति से ही नारियों का वर्चस्व रहा है: अग्रवाल
हरिद्वार। सेवानिवृत्त प्रवक्ता स्नेहलता अग्रवाल ने कहा कि नारी अबला नहीं है सनातन संस्कृति से ही नारियों का वर्चस्व रहा है। कन्या भारती के गठन का उद्देश्य बालिका का समग्र विकास मातृत्व कर्तव्य नेतृत्व एवं राष्ट्र का विकास करना है। यह बात उन्होंने स्कूल में आयोजित एक कार्यक्रम में कही।
सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज सेक्टर 2 में कन्या भारती गठन कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रधानाचार्य लोकेंद्र दत्त अंथवाल और रिटायर प्रवक्ता स्नेहलता अग्रवाल ने ज्ञानदायिनी मां सरस्वती के सम्मुख दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। प्रधानाचार्य ने कहा कि विद्या भारती की योजना अनुसार नारी शक्ति को प्रबल समर्थ एवं नेतृत्व क्षमता से परिपूर्ण बनाने के उद्देश्य से कन्या भारती का गठन विद्यालय स्तर पर किया जाता है, साथ ही बालिकाओं को समाज कार्य में निपुण बनाने नेतृत्व कौशल का सामर्थ्य संचारित करने के उद्देश्य से विद्यालय स्तर पर गठन करके प्रधानमंत्री एवं मंत्रिमंडल का चुनाव होता है।
सुमन त्यागी एवं हेमा जोशी ने कन्या भारती की सभी बहनों को शपथ दिलवाई। अध्यक्ष के रूप में प्रिंसी, उपाध्यक्ष श्रेया ,मंत्री संस्कृति, सह मंत्री दिव्या, सचिव मनजीत कौर, सह सचिव शीत भल्ला, कोषाध्यक्ष के रूप में आस्था ने शपथ ली। संचालन नेहा जोशी ने किया। इस मौके पर अमित कुमार ,जयपाल सिंह, तिगमांशु बडोली ,काजल, सिमरन आदि शामिल रहे।
