मानव हाथीद्वंद को गंभीरता से लें और किसी तरह की लापरवाही न बरतें : कलेक्टर

महासमुंद।

जिला प्रशासन और वन विभाग द्वारा विगत 8 अक्टूबर 2021 को गज यात्रा का आयोजन किया गया। इस गज यात्रा का मुख्य उद्देश्य मानव हाथी द्वंद में कमी लाना और ग्रामीणजनों को जागरूक करना था। जिला प्रशासन द्वारा हाथी द्वंद को गंभीरता से लेते हुए कहा कि जंगली हाथियों के साथ साहचर्य के लिए ग्रामीणों में जनजागरुकता प्रचार-प्रसार और ग्रामीणों को शिक्षा तथा उनके साथ द्वंद से बचने के लिए उपायों का आदान-प्रदान किया गया। गज यात्रा के दौरान विभिन्न माध्यमों, कार्यक्रमों, चलचित्रों के जरिए ग्रामीणों को विचरण कर रहे जंगली हाथियों के सुगमता पूर्वक निगरानी आदि के बारे में जानकारी दी गयी। कलेक्टर ने ग्रामीणों से अपील की कि हाथी का प्रवास मार्ग न रोकें और न ही भीड़ जमा होने दें। खेतों खलिहानों में रखा अनाज संग्रहित कर घर में रखें। हाथियों को अनाज खाते समय उसे खदेडऩे का प्रयास न करें। जंगल से लगें क्षेत्र में खलिहान न बनाएं।
कलेक्टर डोमन सिंह ने हाथियों से कुछ इलाकों में हाथियों से जान और माल हानि को देखते हुए कहा कि हाथियों के पास या उनके विचरण मार्ग में मनाही के बावजूद जानबूझकर आवाजाही न करने की सलाह दी। इस अवसर पर उन्होंने मानव हाथी द्वंद को गंभीरता से लेने और किसी तरह की लापरवाही न बरतने कहा। विगत माह कलेक्टर ने गज यात्रा कार्यक्रम के माध्यम से ग्रामीणजनों को जागरुकता के लिए प्रेरित किया। वन विभाग के अधिकारियों द्वारा भी गजराज सुरक्षा प्रशिक्षण भी दिया गया और हाथियों से बचाव के लिए ग्रामीणों को बचाव के लिए उपायों के बारे में भी बताया जा रहा है। हाथियों से हमें सतर्क एवं दूरी बनाए रखना चाहिए। गज यात्रा के जरिए लोगों को जागरुक करने के उद्देश्य से इसे हाथी प्रभावित एवं विभिन्न ग्रामीण अंचलों के लिए रवाना किया गया था ताकि हाथी प्रभावित क्षेत्रों के ग्रामीण उनके व्यवहार को जाने और समक्षे तथा उनके सामने न आएं।
कलेक्टर सिंह ने कहा कि वन्यजीवों का महत्व समझने और उनके संरक्षण के उपाय करना जरूरी है। हाथी प्रभावित क्षेत्रों में जानमाल की सुरक्षा के लिए सोलर लाइट, फेंसिंग, जनजागरण, गज चौपाल एवं जनजागरुकता लाने का प्रयास किया जा रहा है। जिले में वन्य प्राणी हाथी से बचाव के लिए प्रभावित क्षेत्रों के गांवों में जिला प्रशासन, वन विभाग, ग्रामीणों एवं पुलिस विभाग के समन्वय से गज समिति का गठन किया गया है। उनके द्वारा निरंतर लोगों को जागरूक करने के लिए फेसबुक, व्हाट्सएप, मुनादी एवं सोशल मीडिया के माध्यम से नियमित रूप से सूचनाओं का आदान-प्रदान किया जा रहा है। हाल ही में समाप्त हुई गज यात्रा के पहले चरण में हाथी प्रभावित गांवों के स्कूलों में जाकर स्कूली बच्चों, शिक्षकों से वाद-संवाद करके जन जागरूकता फैलाई गयी। दूसरे चरण में हाट-बाजार लगने वाले गांवों में हाथी से बचाव के लिए प्रचार-प्रसार किया गया तथा तीसरे चरण में शाम के समय हाथी मानव द्वंद को रोकने के लिए उपाय के संबंध में बनाए गए वीडियों को प्रोजेक्टर के माध्यम से प्रसारण किया गया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *