100 साल के बाद घणता प्रवास में आएंगे चालदा महाराज

 

विकासनगर। सौ साल लंबे इंतजार के बाद चालदा महाराज के घणता प्रवास पर आने को लेकर स्थानीय ग्रामीणों में खुशी का माहौल है। इन दिनों ग्रामीण चालदा महाराज के प्रवास के दौरान आयोजित होने वाले विशाल जागड़े की तैयारियों में जुटे हुए हैं। महाराज 30 जून को घणता पहुंचेंगे, जिसके बाद उन्हें नव निर्मित मंदिर में विराजमान किया जाएगा।

18 जून 2018 को चालदा महाराज खत बमटाड़ के नराया गांव से कोटा तपलाड़ प्रवास पर आए थे। चार साल तक कोटा तपलाड़ मंदिर में विराजमान रहने के बाद अब चालदा महाराज खत बणगांव के घणता में गांव में विराजमान होंगे। प्रवास के दौरान जौनसार बावर, हिमाचल प्रदेश के करीब तीस हजार श्रद्धालुओं के महाराज की पालकी के साथ घणता आने की संभावना है। खत बणगांव के चौदह गांवों (घणता, डेरियो, बिसोऊ, कोला, कोटुवा, बेहमू, मेपावटा, शिर्बा, मेहरावना, बुरांस्वा, टुगरोली, रावना, पाटी, बगोंती) के ग्रामीण इन दिनों जागड़ा पर्व की तैयारियों में जुटे हुए हैं। पूरी खत में उल्लास का माहौल है। खत स्याणा एवं मंदिर समिति अध्यक्ष अतर सिंह तोमर ने बताया जागड़ा पर्व की तैयारियों को लेकर प्रत्येक गांव को जिम्मेदारी सौंप दी गई है। देव पालकी के साथ आने वाले श्रद्धालुओं के लिए भंडारा और रहने की व्यवस्था की जा रही है। खत के ग्रामीण परम सिंह, मिल्की राम जोशी, राजेंद्र सिंह तोमर, सरदार सिंह, दौलत रावत, सूरत सिंह, टीकाराम जोशी, आनंद सिंह, जयपाल सिंह, जवाहर सिंह नेगी, ओमप्रकाश ने बताया कि सभी गांवों में इन दिनों उत्साह का माहौल है। हर कोई चालदा महाराज के आगमन की बेसब्री से प्रतीक्षा कर रहे हैं।

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