साथी के साथ मिलकर बाबा को उतारा मौत के घाट
ऋषिकेश। मुनिकीरेती में रोजगार की तलाश में आए बीए पास युवक ने साथी के साथ मिलकर बाबा को मौत के घाट उतार दिया। बाबा का कसूर सिर्फ इतना था कि बैग चोरी करते वक्त उन्हें देखकर यात्री को बता दिया। इस पर दोनों को ऐसा गुस्सा आया कि उन्होंने शराब के नशे में बाबा को लोहे की रॉड से पीटकर मौत के घाट उतार दिया। प्रभारी निरीक्षक रितेश शाह ने रविवार को 55 साल के बाबा की हत्या का खुलासा किया। बताया कि यह घटना 23 दिसंबर की है। इसमें पूर्णानंद घाट से बाबा को जख्मी हालत में सरकारी अस्पताल पहुंचाया गया था। गंभीर चोटें लगने की वजह से बाबा को चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया था। बाबा की पहचान नहीं होने पर कैलास गेट चौकी प्रभारी सुनील पंत ने खुद वादी बनकर अज्ञात के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था।
जांच-पड़ताल में दो अज्ञात का वारदात में संलिप्त होना सामने आया। रविवार सुबह संदिग्धों को गंगा रिजॉर्ट के पास से हिरासत में लिया गया। पहचान चौधरी प्रिंस पुत्र बबलू कुमार निवासी ग्राम आजमपुर, थाना दोघट, तहसील बड़ौत, जिला बागपत, यूपी और संदीप पाल पुत्र रामपाल निवासी मोहल्ला अजय नगर, कोतवाली रेवाड़ी, हरियाणा के रूप में हुई। पूछताछ में आरोपियों ने बाबा को लोहे की रॉड से पीटकर जख्मी करने की कबूल की।
प्रभारी निरीक्षक रितेश साह ने बताया कि आरोपी चौधरी प्रिंस मुनिकीरेती में रोजगार की तलाश में आया था, लेकिन काम नहीं मिलने पर उसे संदीप के साथ टप्पेबाजी शुरू कर दी। 10-12 दिन पहले आरोपियों ने पूर्णानंद घाट से एक यात्री का बैग चोरी किया था। ऐसा उन्होंने शराब खरीदने के लिए किया था। बैग चोरी करने के दौरान बाबा ने उन्हें देखकर यात्री को बता दिया था। इसके बाद दोनों बाबा से बदला लेने की फिराक में थे। मौका मिलते ही उन्होंने बाबा पर हमला कर दिया।
