किसानों के हितैषी मुख्यमंत्री शिवराज के राज में खाद के लिए दर-दर भटक रहे किसान
अमानगंज।
शासन किसानों को हर संभव मद करने की बात कह रहे हैं मगर वह दावे धरातल पर दम तोड़ते नजर आ रहे हैं आज किसान बोनी के समय खाद के लिए दर-दर भटकता देखा जा रहा है। मामला अमानगंज खाद भंडारण केंद्र हिनौती का है जहां खाद गोदाम में किसानों के लिए 1200 रुपए पट्टे पर निर्धारित खाद की बोरी उपलब्ध कराई जानी है मगर शासन से पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध ना करा पाने से किसानों को खाद उपलब्ध नहीं हो रही जो बची खुची खाद है उन्हें खाद गोदाम के वितरण कर्ता अपने हितेषी एवं दलालों के माध्यम से अपने करीबियों तक पहुंचा रहे हैं और लंबी रकम कमाने का कार्य कर रहे हैं उपस्थित किसानों ने यह भी आरोप लगाए हैं कि वितरणकर्ता द्वारा जान बूझकर किसानों के पट्टे रख लिए गए हैं जिससे उनके पट्टों पर प्रबंधन द्वारा खाद निकाल कर के कालाबाजारी करते हुए ट्रैक्टरों पर लाद कर भेज दी गई है जो अब बाजार में 14 सौ रुपए एवं 15 सौ रुपए के हिसाब से किसानों को बेची जा रही है और दुकानदार लंबा मुनाफा कमा रहे हैं और किसान अपने आप को इगा महसूस कर रहे हैं। किसानों का संदेह भी जायज है क्योंकि दो दिन से प्रबंधन द्वारा किसानों के पट्टे रख लिए गए हैं मगर अंतिम समय में खाद ना होने की बात कहकर किसानों को वापस लौटा दिया गया जो कहीं ना कहीं कालाबाजारी की ओर इशारा कर रहा है। वहीं हैरानी की बात तो यह है कि किसान महिलाएं भी गोदाम के तीन दिन से चक्कर लगा रही है उनके पट्टे भी गोदाम प्रबंधन द्वारा जमा कर लिए हैं मगर खाद उपलब्ध नहीं हो रही जिससे उनके घर में छोटे-छोटे बच्चे परेशान हो रहे हैं और यह खाद उन महिलाओं के लिए मुसीबत बनी हुई है क्योंकि बुवाई का कार्य तेजी से किया जा रहा है और खाद न मिलने से वही खेत खराब होने की कगार पर खड़े हुए हैं वहीं हजारों की संख्या में खड़े किसान इस भारी गर्मी एवं उमस में बिना छाया के तपती धूप में खड़े होने को मजबूर देखे जा रहे हैं जिनको ना तो पीने के पानी की व्यवस्था है ना ही छायादान की। पूरे मामले की जानकारी अमानगंज तहसीलदार डॉ. अवंतिका तिवारी को लगी तो तहसीलदार और थाना प्रभारी विजय कुमार अहिरवार मौका स्थल पर पहुंचे एवं विवादित स्थिति में एकत्रित खड़ी भीड़ को पुलिस की मदद से बैठाया गया और लाइन लगाकर खाद वितरण का कार्य प्रारंभ किया एवं तहसीलदार के आदेश पर किसानों के लिए पीने योग्य पानी की व्यवस्था पंचातय के द्वारा की गई।
